Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
25 Feb 2017 · 1 min read

"फाग"

हर त्यौहार हम सब अपनों के साथ मनाना चाहते हैं;जो बच्चे दूर हैं काम में संलग्न होने की वजह से नहीं आ पाते।माँ -बाप की इच्छा क्या है:
———————
फाग”
—————————-
अब के बरस
तू घर आ
फाग़ गा
जीवन के कुछ
रंग ला
कुछ माँ को लगा
कुछ मुझे लगा

न गुझिया मत ला
इस बार
माँ को हुई
दिल की बीमारी
मुझे दिमाग़ की
बस हमें दवा दिला।
अब के बरस
तू घर आ।

न मत कहना
आना अवश्य ही
रुआँसी है बहना
मत टालना
इस बार भी
ईंट ईंट उदास सी।
कुछ तो दिलासा दिला
अब के बरस
तू घर आ।
————————-
राजेश”ललित”शर्मा

Loading...