Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
23 Feb 2017 · 1 min read

!!! कठपुतली है बस..तू.!!!!

वक्त के हाथों की
कठपुतली हैं हम सब
जैसा नाच नचाएगा
वैसे ही नाच देंगे
हम सब,
हाथ में तो अपना
कुछ भी नहीं
किस बात पर करें
नाज हम सब
बड़ी उल्फत में
रहता है इंसान
किसी को कुछ
भी समझता नहीं इंसान
बात बात पर
अपने कहता
और बन रहा धनवान
न समझ मत बन
उस के इशारे पर
चलता है जहान
न कर कभी किसी
के साथ बुरा,
नहीं तो उसका
बदला ले लेगा तुझ से भगवान्
यह न समझ
की कोई है नहीं यहाँ
तेरी आत्मा के
साथ वो चलता सदा
कर के कितने
भी बुरे काम
सब का फल तो
देगा बस भगवान्..

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Loading...