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22 Feb 2017 · 1 min read

नेता।

नेता।

नेता नेता न रहे,,,,,,,,,,,रहा न वो जज्बात ।
राजनीति मे ढह गयी,, कुर्सी सँग औकात ।।

नेता के भावुक वचन,,,,,,,,,,, लगे छुड़ाने दाग़ ।
भरे हौसला व्यर्थ में ,,,,,बिन पंखों सा काग ।।

जनता के संज्ञान में ,,,,,,,है नेतन की लोच ।।
पेट स्वयँ का भर गया ,,,मुँह खाये या चोंच ।

राम केश मिश्र

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