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20 Feb 2017 · 1 min read

नवगीत।अफवाहें उड़ती रहतीं है।।

नवगीत।अफवाहें उड़ती रहती है ।

इस जीवन में सत्कर्मो का सदा करो निर्माण ।
सतपथ पर चलते रहना है बिना दिये प्रमाण ।।
कठिन राह हो
गहन अँधेरा
सच्चाई जलती रहती है ।
अफवाहें उड़ती रहती है ।।

हो सकता है मिले न मंजिल चाहत रहे अधूरी ।
राह बनेगी औरों के प्रति मिट जायेगी दूरी ।।
नदी तटो पर
लहर निरंन्तर
जीवन भर लड़तीं रहती है ।।
अफवाहें उड़ती रहती है ।।

अफवाहें आती है बनकर सतपथ की कठिनाई ।
अफवाहों की फ़िक्र न करना झूठी है परछाई ।
छट जायेंगी
इक बदली सी
माना कि छलती रहती है ।।
अफवाहें उड़ती रहतीं है ।।

सहना होगा व्यंग वाण का तुमको सफल प्रहार ।
फिर भी विचलित न होना तुम न बदले व्यवहार ।।
इंदु रश्मि भी
निशा दिवस का
साहस तो भरती रहती है
अफवाहें उड़ती रहती है ।।

इक न इक दिन बनोगे निश्चित मंजिल के प्रणेता ।
युग निर्माणक कहलाओगे सच्चे सफल विजेता ।।
बिना दुखो के
सुख की आशा
ये दुनिया करती रहती है ।।
अफवाहें उड़ती रहती है ।।

राम केश मिश्र

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