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18 Feb 2017 · 1 min read

II लपेटकर II

जो नोट तुम रखे हो बिरादर लपेटकर l
हम भी रखे हैं हाथ में नश्तर लपेटकरll

ना भीख में मिलेगी ए दुनिया कभी तुझे l
हाथों में तुम भी रख लो मुकद्दर लपेटकर ll

सूदो मैं होगा चुकता ए कर्ज़I तेरा कभी l
अभी तो यार रखो भि तेवर लपेटकर ll

मेरे हवाले कर दो जो हक होता है मेरा l
घर से चला जा मेरे तु बिस्तर लपेट कर ll

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