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18 Feb 2017 · 1 min read

मुक्तक

तेरे बगैर तन्हा हर रात हुआ करती है!
दर्द और तन्हाई से बात हुआ करती है!
आती हैं साँसें भी तेरी यादों को लेकर,
अश्कों की पलकों से बरसात हुआ करती है!

मुक्तककार- ‘#महादेव'(मात्रा भार 26)

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