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17 Feb 2017 · 1 min read

मन के जीते जीत

मन में उत्साह हो कुछ करने की चाह हो
कौन रोक सकता है चाहे काँटों भरी राह हो
मन में उमंग हो उठती तरंग हो
खुश रह सकता है चाहे कोई न संग हो
मन में इक आस हो उस पर विश्वास हो
जुंग जीत सकता है चाहे हार आसपास हो
मन एकाग्र हो दृष्टि सब ओर हो
मनचाहा मिल सकता है चाहे बिगड़ी तकदीर हो
मन यदि वश में हो इरादे भी मज़बूत हों
लक्ष्य जीत लोगे चाहे सब कुछ विपरीत हो

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