Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
16 Feb 2017 · 1 min read

तेरे नाम हो जाये

जिया तेरा हमेशा के
लिए अब नाम हो जाये
हसीं सी जिन्दगी में
आज कोई काम हो जाये

मुहब्बत यह बनी दिल में
रहे तेरी सदा को ही
नजर तेरी पड़े जब भी
तभी यह शाम हो जाये

बनी है आज मेरी जब
प्रिया तू जब हमेशा
निभा सब रीति इस
परिवार की आराम हो जाये

सदा तुम साथ चलना यूँ
निभाती ही रहूँ तुमको
कभी मत खींचना इतना
कि दिल सद्दाम हो जाये

चलो हम छोड़ कर दुनियाँ
चलें संग साथ रहने को
समा कर देह तुझमें यूँ
मुझे इतमाम हो जाये

इतमाम —पूरा करने का भाव

डॉ मधु त्रिवेदी

Loading...