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13 Feb 2017 · 1 min read

एक तेरा चेहरा

एक तेरा चेहरा भा गया मुझको
कि नहीं चाह अब कोई बाकी मुझको
उस को देख कर मुस्कुरा देता है दिल मेरा
कि अब कोई अरमान नहीं रहा बाकी मुझको !!

तू हंसती है, तो दिल हंस देता है
तू रोती है, यह दिल सब कुछ खोता है
तुमको खुश देख देख कर अब तो
मेरे जीवन का नया सवेरा होता है !!

जब सामने यह आ जाता है तो
दिल का कमल खुद ही खिल जाता है
बिना हवा और पानी के यह ,तेरे
दर्शन से ही, खुश हो जाता है !!

तुझे रब ने बनाया था जिस दिन
भर दिया था यह ,एक रंग उस दिन
कि बना के सूरत को यूं मुस्कुराती रहना
यही तेरे जीने की कला बनी थी उस दिन !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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