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13 Feb 2017 · 1 min read

??करलूं??

??करलूं??
आ तेरी आँखों से आदाब करलूं।।
तुझे बाँहों में भरके शबाब करलूं।।

तेरे शबनमी लवो को चूम लू।।
और खुद को शराब कर लूं।।

तेरे आगोश की जुस्तजू से।।
तेरी रियासत का नबाब करलूं।।

जन्नत की राह मुझे मालूम नहीं।।
तेरी गली में हाजिर जबाब करलूं।।

उल्फ़त है चाहत ज़माने के लियें।।
मनु का मन है की कबाब करलू।।
मानक लाल मनु

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