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11 Feb 2017 · 1 min read

कैसी विडम्बना...

कैसी विडम्बना !
क्यों संवेदनहीन
है बना समाज,,,
हादसों के शिकार
दर्द से कराहते
लिए टूटती-उखड़ती साँसें
उम्मीद से
जब माँगे मदद…
वीडियो बनाने में
व्यस्त दिखें
तमाशाई
और चश्मदीद
जागरूक इंसा !!
चलो…
करें पहल
फिर बन इंसा
उठायें कदम
बचाएँ
बहूमूल्य जिंदगी
थमती साँसें
टूटने से पहले
अपनों से उनका साथ
छूटने से पहले ! !

अंजु गुप्ता

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