Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
11 Feb 2017 · 2 min read

"?रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है"?

“?रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है”?

हर दिन की तरह उस दिन भी मैं पार्क में टहल रही थी ।
टहलते -टहलते थक गयी थी ,सोचा पास के बेंच पर जाकर बैठ जाऊं , बैंच के पास एक बड़ा हरा-भरा पेड़ था अमरुद का उस पर कुछ अमरुद भी लगे हुए थे ,मन में? उत्साह हुआ चलो एक अमरुद तोड़ती हूँ ,पर कैसे अमरुद तो बहुत ऊपर थे ,कुछ सोचा फिर पास में पड़ा पत्थर? उठाया और अमरुद पर निशाना बनाया ,पर मेरा निशाना इतना अच्छा थोड़े था कि सीधे अमरुद पर लगता और अमरुद टूट कर नीचे गिर जाता ।माने फिर दूसरा पत्थर उठाया फिर निशाना साधा , अबकी बार मेरा निशाना चूका नहीं पर अमरुद नहीं गिरा ,वहीँ बेंच पर बैठी मेरी मित्र को जा लगा , वो चिल्लायी मैं तुमको अमरुद लगती हूँ? क्या ,मैंने कहा नहीं अमरुद तो बहुत छोटा है ,माना कि सख्त होगा पर ,—-तुम्हारी तरह नहीं —–??
मेरी मित्र ने मेरी तरफ देखते हुए कहा क्या मतलब ? मैंने कहा बहन ये अमरुद तो एक दिन पेड़ पर लगे -लगे पक जायेगा ,,और नरम भी हो जायेगा पर तुम तो बहुत मजबूत हो ,मेरी मित्र भड़की और बोली तुम कहना क्या चाहती हो मैंने बोला देखो बुरा मत मानो ये जो तुम्हारा चेहरा है ना ये कभी खिलता नहीं है मैंने कभी तुम्हारी बत्तीसी नहीं देखी क्या तुम्हें न हंसने की बीमारी है । मित्र बोली तुम्हे क्या पता जिस पर बीतती है ना उसे पता चलता है ,मैंने कहा हाँ बात तो सही है पर अपनी परेशानियों को याद करके रोते रहना कहाँ की समझदारी है तुम्हारी उस परेशानियों के बारे में सोचते रहने से क्या वो कम हो जायेंगी जब नहीं तो कोई हल निकलो दुनिया में कुछ भी ऐसा नहीं है जिसका समाधान ना हो ,लोग चाँद सितारों पर पहुँच गये और तुम अपने से भी दूर हो । फिर मैंने थोड़ा चुटकी लेते हुए कहा कहीं ऐसा तो नहीं तुम्हारी बत्तीसी ही ना हो ,मेरी मित्र ने मेरी तरफ कुछ इस अन्दाज में देखा की एक पल को तो मैं डर गयी ,फिर उसके चेहरे पर मुस्कराहट की लहर दौड़ पड़ी ??? मैंने भी उसे मीठी सी मुस्कराहट दी ☺??मैंने उसे यही कहा हमेशा मुस्कराती रहो हँसने वाले के साथ सब हँस लिया करते हैं ,पर रोने वाले के पास कोई नहीं रुकता खुशियाँ बाँटो जितना बाँटोगी उतना बढ़ेगी ।नादिया का बहता पानी अगर इसलिये रुक जाये कि मुझमे सब गन्दगी डालते है तो क्या नादिया का पानी किसी लायक रहेगा मेरे मित्रों जीवन भी नादिया की तरह आगे बढ़ते रहने का नाम है ,अगर रुक गये तो दुर्गन्ध आने लगेगी ।


Loading...