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9 Feb 2017 · 1 min read

मुक्तक

मेरी निगाहों को तेरी प्यास रहती है!
तेरी चाहत मेरे आसपास रहती है!
हरतरफ फैली हुई हैं हसरतों की आहें,
मेरी जिन्द़गी भी बदहवास रहती है!

#महादेव_की_कविताऐं'(24)

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