Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
8 Feb 2017 · 1 min read

राह उनकी देखता है

राह उनकी देखता है
दिल दीवाना हो गया है

दूर तक बिखरा पड़ा है
चूर शीशा हो गया है

छाने को है बदहवासी
दर्द मुझको पी रहा है

कुछ रहम तो कीजिए अब
दिल हमारा आपका है

कह रहे गुस्ताख लेकिन
छेड़ का अपना मज़ा है

आप जबसे हमसफ़र हैं
रास्ता कटने लगा है

ख़त्म हो जाने कहाँ अब
ज़िन्दगी का क्या पता है

बात जो बनने लगी तो
शेर पूरा हो गया है

Loading...