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6 Feb 2017 · 1 min read

मौके की तलाश में इंसान

अमानत में खयानत कर रहा है इंसान
दुसरे की चीज पर बेईमान हो रहा इंसान
अपनी सम्भाल के रखता है पल पल
किसी की भी मुफ्त में लेने को तैयार रहता इन्सान !!

किसी को प्यार में दे जाता है धोखा
अस्मत लूटने का ढूंढता है हर मौका
कर देता है इतना वो भद्दा काम
कि कहने से भी डरता है इंसान !!

कितना आसान है किसी को दे देना धोखा
उस की दुनिया उजाड़ने का नहीं छोड़ता मोका
हर वक्त नजर गडाए रखता है कि कब मिल जाये
इस को जिन्दा जला देने का उस को फिर मौका !!

अजीत तलवार
मेरठ

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