Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
4 Feb 2017 · 1 min read

तेरे कदमो में मेरा सर झुके

तेरे कदमो में मेरा सर झुके
तो मुझे ख़ुशी होगी
मेरे हाथ तुझे प्रणाम करे
तो यही बंदगी होगी
जमाना देगा भी तो क्या देगा
जो तून देगा मेरे मालिक
उसी से तो मेरे सुने घर
में हर दम रौशनी होगी

तेरे नाम के साथ जुड़े मेरा नाम
यही दुआ करता हूँ सुबह और शाम
अपना आशीर्वाद बनाये रखना मेरे श्याम
बस यह जुबान रटती रहे तेरा हरदम नाम !!

खुशियन जहाँ कि तेरे दर पर हैं
दुनिया कि सारी दौलत तेरे दर पर है
झोलियन खाली लेकर आते हैं सब यहाँ
कौन है जिस को न मिली हों खुशियाँ यहाँ से !!

सब से बड़ा पर्वतदिगार है तून मेरे मालिक
पता नहीं इंसान क्यूं बन बैठा है मालिक
भूल गया है वो , यह तो सब झूठ है
केवल मौत के बाद तुझ से मिलना ही तो
सच है, है न मेरे मालिक @@

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Loading...