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2 Feb 2017 · 1 min read

जिंदगी

माना कि कामयाबियों से अभी फ़ासलें बहुत हैं,
पर ऐ जिंदगी, मुझमें भी अभी होंसलें बहुत हैं,
हाँ, बिखेर दिये होंगें तुमने महल कितने ही,
पर उन खंडहरों में अब भी घोंसलें बहुत हैं…

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