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29 Jan 2017 · 1 min read

माँ शारदा उपकार दे!

हे विद्यादायनी अमृतज्ञान प्रदायनी
इसबार वरदान दे!
संसार पर निज उपकार दे!
हर राज्य ग्राम देश मे
फैला हुआ है आतंकवाद
धर्म मज़हब भाषा विचार का
चल रहा है अजब व्यापार
सरहद की दीवारें
गोली की बौछारे
को अब विराम दे!
हे वीणावादिनी ममतामयी
करुणा से अब काम ले
इसबार बसंत की हवाओ मे थोड़ा प्रेम उपहार दे!
हे शारदा इंसान को
इंसान बन जाने का
शुभ मंगल आशीर्वाद दे!

हे विद्यादायनी अमृतज्ञान प्रदायनी
इसबार वरदान दे!
संसार पर निज उपकार दे!

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