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25 Jan 2017 · 1 min read

मुक्तक

हौसला मैं चाहत का बुलन्द रखता हूँ!
दर्द को पलकों में नजरबंद रखता हूँ!
कहीं ख्वाब खो न जाऐं हसीन लम्हों के,
हर याद को मैं जिगर में बंद रखता हूँ!

#महादेव_की_कविताऐं’

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