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25 Jan 2017 · 1 min read

सपना

एक आसमां एक साहिल हो अपना
एक घर , एक आँगन हो अपना ।
खिलतें फूल हजारों जिसमें
खुशियों से महकता घर हो अपना ।।
चाँद की मादक किरणों में
सराबोर होता , दमकता घर अपना ।
मुखड़ा उठाये हाथ बढ़ाके
चाँद को दिखाता , चाँद का सपना ।।

………अर्श

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