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23 Jan 2017 · 1 min read

उड़ा दूं न नींदे असर देख लेना

मिरा प्यार तू हमसफ़र देख लेना
उड़ा दूं न नींदे असर देख लेना

ये इश्क-ए-मुहब्बत बला की डगर है
लपेटे में लेगी भँवर देख लेना

तिरी याद में दिल जला रौशनी की
लिखी हैं गजल तुम बहर देख लेना

उदासी ये कैसी बयां कर रही हो
कहीं मर न जाऊँ कहर देख लेना

सितारों के आगे जहां और भी है
कँवल प्यार से इक नजर देख लेना

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