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21 Jan 2017 · 1 min read

जन्मदिन

शब्द शून्य हैं, भाव शून्य हैं
कैसे तुम्हे बधाई दूँ ;
शीतल प्राणवायु मैं तुमको
क्या स्नेहिल पुरवाई दूँ ।

महके चन्दन सा मन पावन
नित शिखरों के चुम्बन से ;
सुख भी तुमसे सुख ही चाहे
स्नेहशिक्त आलिंगन से ।
जन्म दिवस की इस वेला पर
स्वप्नों की तरुणाई दूँ ;
सोंच रहा हूँ ऐसा क्या दूँ
कैसे तुम्हे बधाई दूँ ….???
शीतल प्राणवायु…….???

राहुल द्विवेदी ‘स्मित’

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