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9 Jan 2017 · 1 min read

मिली

मिली जो तेरी जुल्फों की छाया मैं बहक गया
उठाया जब घूँघट फैली जो माया मैं बहक गया

करा प्रणय निवेदन उन्होंने हँस के जब हमसे
पता नही कोन सा वो वेग आया मैं बहक गया

छिपा हुआ था एक नया ख्याव बन आगोश मे
किधर से आया मतबाला झोका मै बहक गया

हसीनों की दनियाँ मे घूम कर आया दूर से मैं
नजरें बहकी ऐसे कि पैर फिसला मैं बहक गया

इधर उधर घूम फिर कर आ गये तेरे द्वार लोट
हाथ तेरा मेरे सिर पर जो फिरा मैं बहक गया

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