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8 Jan 2017 · 1 min read

सवेरा

नये वर्ष का एक नया सफर है
बीते गम अब खुशियों की लहर है
अपनो के दिलों मे प्यार का पहरा
जीवन के रंगों का हर रंग सुनहरा
चमक रोशनी की जैसे हो दीवाली
हर पल जीवन मे छाये हरियाली
सारी उलझनों के हुऐ समझौते
प्यार के आँसू पलकों को भिगोते
प्रेम के दीपक से मिटा अन्धेररा
प्रभात की किरण से हुआ सवेरा
“सवेरा”
____ _______अभिषेक शर्मा

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