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7 Jan 2017 · 1 min read

रुतबा मेरे यार का (दोहे)

रुतबा मेरे यार का,…जैसे फूल पलास़ !
गर्दिश मे भी जो कभी,होता नही उदास !!

दिल पर तुमको छोडकर, लिखा किसी का नाम !
जीवन में आया नही,……ऐसा कभी मुकाम !!
रमेश शर्मा

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