Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
1 Jan 2017 · 1 min read

नया साल

[12/31/2016, 8:12 PM] bhatthema3:
स्वागत नये साल का दिल से मनाइये
लेकिन जाता साल यूँ न बिसराइये
तोहफा मिला नया जिसकी शहादत से
नाम उसके भी इक चिराग जलाइये
✍हेमा तिवारी भट्ट✍
[12/31/2016, 8:16 PM] bhatthema3:
छोड़ जाते हैं लोग दिसम्बर की तरह
पर हम भी गम मनाते नहीं
जनवरी की तरह नये मेहमान का
सुस्वागत करना बिसराते नहीं
✍हेमा तिवारी भट्ट✍
[12/31/2016, 11:17 PM] bhatthema3:
उदासियाँ चुरा के ले जाये दिसम्बर
हम एफ.आई.आर. कराएँगे नहीं
खुशियों के सूटकेस भरा नववर्ष
आज लिए बगैर पर जाएँगे नहीं

✍हेमा तिवारी भट्ट✍

Loading...