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27 Dec 2016 · 1 min read

#कुंडलिया छंद//जानकारी लो पूरी

#कुंडलिया छंद

कस्तूरी खोजे हिरण , बन ख़ुद से अनजान।
दौड़-दौड़ कर थक गिरे , मिले नहीं संज्ञान।।
मिले नहीं संज्ञान , मूर्खता निज पर भारी।
दिशा नहीं मालूम , कर्म करके लाचारी।
सुन प्रीतम की बात , जानकारी लो पूरी।
फिर करना तुम कर्म , मिले मंज़िल कस्तूरी।

#आर.एस. ‘प्रीतम’
#सर्वाधिकार सुरक्षित कुंडलिया

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