Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
25 Dec 2016 · 1 min read

फूलों में बारूद

तुम्हे शोभा नहीं देता
कि तुम आंसों बहाओ
आँखें फोड़कर
तुमने बेच दी नदी चील को
और मगरमच्छ को चिनार
तीक्ष्ण चोंच और पैनी नज़र में
मछलियों ने सीख लिया है
मेंडक बनना
जबड़ों में आ गया है सम्पुर्ण आकाश.

तुम्हे शोभा नहीं देता
कि तुम शांत रहो
अशांति फैलाकर
तुमने संगीत में भर दी है
गोलियों की धुन
और कानों में खनक रहे है
विस्फोट के गीत,
सुर में सजा दिया है
माँ का करुण रूदन.

तुम्हे शोभा नहीं देता
कि तुम सुर्खियाँ बटरो
हत्याकांड कर
तुमने शवों को बनाया खाद
और लहू को पानी
उपज आये है ऐसे पेड़
जिनकी टहनियों में गाड़ा लहू है
और फूलों में बारूद
फल में पत्थर और
बीज में विस्फोट.

Loading...