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17 Dec 2016 · 1 min read

बदलाव

बदलाव

किसी के दूर जाने से
जिंदगी के मायने क्यूँ बदल जाते हैं?
राह भी वही, मंजिल भी वही,
बस हमराह ही क्यूँ बदल जाते हैं ?

वक्त को पकड़ना लगता था मुश्किल कभी,
आज वक्त काटना मुश्किल लगता है,
दीवारें तो हैं वहीं खड़ी,
कुछ अक्स क्यूँ बदल जाते हैँ ?

जिन शोखियों को देख,
मचल उठते थे हम कभी,
आज उन्हीं से दूर भागते हैं,
शाख, फूल,जमीं, आसमां हैं वही,
नजारे सब बदले नजर आते हैं

रंजो गम का शिकवा भी,
करे तो करे किससे
फरियाद करने वाले और सुनने वाले भी,
हम खुद ही नजर आते हैं |

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