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16 Dec 2016 · 1 min read

जनता को इस देश की ( दोहा मुक्तक)

जनता को इस देश की,होता यही मलाल!
नए नोट लेकर फिरें, फिर से नटवरलाल !
नोट बंद का फैसला,क्या है गलत रमेश,
दिल मे उठने लग गया,सब के यही सवाल!!
रमेश शर्मा

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