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15 Dec 2016 · 1 min read

बूढी आँखों की समझ, आती है तब पीर

बूढी आँखों की समझ, आती है तब पीर
बहता अपनी आँख से , जब वैसा ही नीर
जब वैसा ही नीर, रहे जब पास जवानी
लगती इनकी बात, हमें ही सदा पुरानी
जब होती कमजोर, डोर अपनी साँसों की
आती तब तकलीफ , समझ बूढ़ी आँखों की

डॉ अर्चना गुप्ता

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