Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
14 Dec 2016 · 1 min read

अनमोल इक उपहार

आज के ही दिन बदल मेरा गया संसार था
गोद में मुझको मिला अनमोल इक उपहार था
ज़िन्दगी की थी बड़ी शुभ औ सुहानी वो घड़ी
घर तेरी किलकारियों से ही हुआ गुलज़ार था
डॉ अर्चना गुप्ता

Loading...