Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
2 Dec 2016 · 1 min read

तेरी मौहबत का नशा...

कयूं किया तेरी मौहबत का नशा मैने ….
कमबख्त आज भी उतरने का नाम नही ले रहा…

खुदा करे फिर कभी तुझसे मुलाकात न हो…
हो पुरी तेरी हर खवाहीश , और चमके तू चांद की तरह.
पर उस चमक पे कोई” करुण” नाम का दाग न हो…

Loading...