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4 Dec 2025 · 1 min read

राम -राम बस राम ही,हैं इस जग का सार।

राम -राम बस राम ही,हैं इस जग का सार।
राम -चरित ही गाइये,करें राम भव पार।।

डॉ रागिनी स्वर्णकार

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