राम -राम बस राम ही,हैं इस जग का सार।
राम -राम बस राम ही,हैं इस जग का सार।
राम -चरित ही गाइये,करें राम भव पार।।
डॉ रागिनी स्वर्णकार
राम -राम बस राम ही,हैं इस जग का सार।
राम -चरित ही गाइये,करें राम भव पार।।
डॉ रागिनी स्वर्णकार