सभी बच्चे गुरू के पाँव में थे
सभी बच्चे गुरू के पाँव में थे
बहुत खुश थे कभी जब गाँव में थे
बुजुर्गों की रियासत छोड़ कर के
उड़े है जो परिंदे छांव में थे
सूरज तिवारी
सभी बच्चे गुरू के पाँव में थे
बहुत खुश थे कभी जब गाँव में थे
बुजुर्गों की रियासत छोड़ कर के
उड़े है जो परिंदे छांव में थे
सूरज तिवारी