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3 Dec 2025 · 1 min read

पीड़ा भी मूक थी दिखती भी क्या भला ,

पीड़ा भी मूक थी दिखती भी क्या भला ,
हृदय की चोट थी कहां तन का घाव था ।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद

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