श्रीराम नाम की भक्ति
भक्ति-भाव से राम का, करो सदा गुणगान।
हर लेंगे हर पीर को, कृपा सिन्धु भगवान।।
कृपा सिन्धु भगवान,जगत के पालनहारी।
जिनका करते ध्यान, नित्य शंकर त्रिपुरारी।
कर देते बलवान, निर्बल को देकर शक्ति।
भव से देती तार, श्रीराम नाम की भक्ति।।
मात अहिल्या का किया,पल भर में उद्धार।
दर्शन शबरी को दिए, सुनकर भक्ति पुकार।।
सुनकर भक्ति पुकार,राम दौड़े हैं आते।
करें कृपा यदि राम,सकल संकट मिट जाते।
राम नाम अनमोल,जो रटते हैं दिन रात।
करते हृदय निवास, प्रभु राम जानकी मात।।
दया-दृष्टि जिस दास पर, करते कृपानिधान।
हो जाती हैं शीघ्र ही,हर मुश्किल आसान।।
हर मुश्किल आसान,काम सारे बन जाते।
रहें सदा खुशहाल,न अन्त समय पछताते।
रोगमुक्त हों गात, पाते हैं जीवन नया।
जिसके होती शीश,अवधपति राम की दया।।
स्वरचित रचना-राम जी तिवारी”राम”
उन्नाव (उत्तर प्रदेश)