ज़िंदगी आज भी हस रही छांव में
ज़िंदगी आज भी हस रही छांव में
फूल अब शूल बन चुभ रहे पांव में
मोह को तोड़ कर देख परिवार का
छोड़ कर हम शहर चल दिए गांव में
Suraj Tiwari
ज़िंदगी आज भी हस रही छांव में
फूल अब शूल बन चुभ रहे पांव में
मोह को तोड़ कर देख परिवार का
छोड़ कर हम शहर चल दिए गांव में
Suraj Tiwari