अपना तो सपना है यहां,
अपना तो सपना है यहां,
न कि सब कुछ अपना है यहां
देने वाले ने सब कुछ दिया,
फिर भी न कुछ अपना है यहां
✍️कृष्णकांत गुर्जर
अपना तो सपना है यहां,
न कि सब कुछ अपना है यहां
देने वाले ने सब कुछ दिया,
फिर भी न कुछ अपना है यहां
✍️कृष्णकांत गुर्जर