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2 Dec 2025 · 1 min read

अपना तो सपना है यहां,

अपना तो सपना है यहां,
न कि सब कुछ अपना है यहां
देने वाले ने सब कुछ दिया,
फिर भी न कुछ अपना है यहां
✍️कृष्णकांत गुर्जर

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