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1 Dec 2025 · 1 min read

हँसी ठिठोली प्यार का,

हँसी ठिठोली प्यार का,
मनभावन शृंगार ।
दो दिल इसमें डूबकर,
भूलें सब संसार ।।

सुशील सरना / 1-12-25

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