जीवन साथी की परिभाषा
मै शब्द तुम अर्थ,
तुम बिन सब व्यर्थ।
जीवन साथी का,
यही है सच्चा अर्थ।।
मै रूठू तुम मनाओ,
तुम रूठो मै मनाऊँ।
कोई कभी न रूठे,
ये जीवन ऐसे बिताऊ।।
मै बनाऊ तुम खाओ,
तुम बनाओ मै खाऊ।
दोनों मिलकर रहे हम,
तुम बिन मै रह न पाऊं।।
मै दाल हूँ तुम भात हों,
दोनों का जब साथ हों।
बस एक ही थाली मे
खाते ज़ब हम साथ हों।।
मै दिन हूँ तुम रात हों,
मै तरु हूँ तुम पात हों।
बिछड़े नही कभी हम,
पूरे जीवन हम साथ हों।।
मै राधा हूँ तुम श्याम हों,
मै मुरली हूँ तुम तान हों।
रहूँ मै तुम्हारे अधरों पर,
जीवन कभी न शाम हों।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम