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1 Dec 2025 · 1 min read

छत्तीसगढ़ के सम्मान

छत्तीसगढ़ के सम्मान

छतीसगढ के सम्मान ला बचावव रे,
कभू खुद ला कमज़ोर झन मानव रे।

राम बलराम घनश्याम के नाम लेके
रावण कंस मन ला जल्द ही तारव रे।

महानदी शिवनाथ खारून इंद्रावती के,
पानी पिययया इक हुंकार तो मारव रे।

तुहंर अंदर हनुमान बिदयमान हवय,
अपन भीतर के ताकत ला जानव रे।

बस्तर अंबिकापुर मोहला तोला देखत हे,
उंखर मान बर मुट्ठी बांध आगू आवव रे ।

माला,मुंदरी ,खुमरी ,भंदई ला तियागो,
लौठी धर,जुलमी मन ले भिड़ जावव रे।

मांस मदिरा वाले मन कैसे नइ भागही
अपन बासी बोरे के ताकत दिखावव रे।

( डॉ संजय दानी दुर्ग )

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