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30 Nov 2025 · 1 min read

आत्मा

चलो अच्छा है कि, वो‌ हमें याद नहीं करते।
ये शिका भी‌ नहीं कि, वो बात नहीं करते।

खुश रहें वो अपने सजाए, ख्वाब के गुलिस्तां में।
दुआ बस इतनी है, जिसे चुना है उसके होकर रहें।

हिचकियां भी आएं तो, मेरा नाम बदनाम न हो।
वो खुश रहें हमदम संग, मेरी हर दुआ गुमनाम रहे।

जहां भी जाएं वो, आबाद गुलिस्तां हो।
जिसके भी रहे, उनके नाम पर कुर्बान रहे।

दुआ है अब कोई ग़म न मिले, जो मुझसे मिले।
उनके दामन के मुरझाए फूल भी, खुश हो के खिले।

राह में जब भी मिले, मुंह फेर लिया करना।
गुज़ारिश है सांवरे, उनसे कभी नजरें न मिले।

उन्हें हमदम मिले, मुझे तन्हाई मुबारक।
उन्हें हर दुआ में सांवरे, खुशियां ही मिलें।

न मिटे उनके दिल से, मेरे खातिर नफ़रत।
उनको तो हमदम से, बेइंतेहा प्यार मिले।
…… प्यार मिले।

@श्याम सांवरा…

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