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30 Nov 2025 · 1 min read

उपवास

चौपाई उपवास
नियमित हो उपवास करे जो।
जीवन में खुशहाल रहे वो।।

प्रभु आशीष उसे मिल जाये।
भाग सदा उसका खुल जाये।।

तन रहता उसका बलशाली।
झलके उसके मुख पर लाली।।

स्वस्थ शरीर हमेशा रहता।
हाय दुखी हूँ कभी न कहता।।

मोटा बदन थुलथुली काया।
व्रत ने इनको दूर भगाया।।

काम क्रोध मन झाँक सके ना।
पौरुष उसका आँक सके ना।।

चित्त लगाकर बात सुने सब।
दीर्घ आयु पाओगे तुम तब।।

है उपवास बहुत हितकारी।
धारण कर लो सब नर नारी।।

-गोदाम्बरी नेगी

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