जोगीरा... गीत
16, 11 यति
जोगीरा सा रा रा रा
गली गली गुलाल है उड़ता, घर में घुलता भंग।
होली की बरजोरी में है, छिड़ी अनोखी जंग।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
देवर भाभी भीग भिगोकर, खेले खुश हो रंग।
बाल सखा हुड़दंग मचाते,भर मन बीच उमंग।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
श्याम रंग में राधा जी के, हुए कपोल गुलाल।
ग्वाल- सभी भाग रहे पीछे, छू न सकें गोपाल।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
मटकी लाई रंग भरी सब, ब्रज की गोपी नार।
घेर पकड़ कर नन्दलाल को , डाली सिर रंँग धार।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
भाभी भंग पकौड़ी खा गई, गाए फगुआ गान।
साजन होले से मुस्काते, सुने लगाकर कान।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
ऐसी धूम मची होली पर, भेद हो गये दूर।
नाचें गायें, आज हुए सब, फागुन मद में चूर।।
जोगीरा सा रा रा रा रा…
स्वरचित –
गोदाम्बरी नेगी