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29 Nov 2025 · 1 min read

आसमाँ तक गए, फिर भी कोई मंज़िल न मिली,

आसमाँ तक गए, फिर भी कोई मंज़िल न मिली,
हर सितारा हमारी ओर देखकर ही मुड़ता।
महेंद्र ‘मजबूर’

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