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29 Nov 2025 · 1 min read

तेरी यादों की अना, तेरी खमोशी का वजूद,

तेरी यादों की अना, तेरी खमोशी का वजूद,
आज भी दिल में कहीं नाम तेरा ही उभरता।
महेंद्र ‘मजबूर’

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