गढ़ना होगा सावन तुम्हें तुम्हारे हिस्से का
गढ़ना होगा सावन तुम्हें तुम्हारे हिस्से का
वो भी तय समय की जलती अंगीठी पर
©️ दामिनी नारायण सिंह
गढ़ना होगा सावन तुम्हें तुम्हारे हिस्से का
वो भी तय समय की जलती अंगीठी पर
©️ दामिनी नारायण सिंह