वही नुमाया वही निहाँ है
वही नुमाया वही निहाँ है
वही मकीं है वही मकाँ है
तलाश करतीं जिसे निगाहें
नज़र की जद में वो शै कहाँ है
वही शजर है वही तो गुल है
वही है गुलशन वो बाग़बाँ है
है आशिकों को ख़बर न इसकी
है सूद किसमे किधर ज़ियाँ है
वही नुमाया वही निहाँ है
वही मकीं है वही मकाँ है
तलाश करतीं जिसे निगाहें
नज़र की जद में वो शै कहाँ है
वही शजर है वही तो गुल है
वही है गुलशन वो बाग़बाँ है
है आशिकों को ख़बर न इसकी
है सूद किसमे किधर ज़ियाँ है