पुराना ज़माना
पुराने जमाने की ,
अलग थी बात ।
जब मनोरंजन था ,
रेडियो का साथ ।
पिताजी सुना करते ,
रेङियो पर समाचार ।
माताजी सुनती थीं ,
इस पर संगीत ।
रेडियो होता था ,
हम सब का मीत ।
जब हुआ करती थी ,
खतों की बहार ।
फोन का नहीं,
हुआ था आविष्कार ।
खतों में जब हम,
उड़ेलते थे प्यार ही प्यार ।
सच ! वो भी क्या ,
दिन थे यार ।